अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022: आईवीएफ ट्रीटमेंट से कैसे मिला मां बनने का सुख, पढ़ें इन महिलाओं का अनुभव

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    Pregnancy through IVF Treatment: मां बनना हर महिला का सबसे सुखद अहसास होता है. कुछ महिलाओं को मां बनने का सुख शादी के कुछ ही महीने या साल में प्राप्त हो जाता है, लेकिन कई महिलाएं ऐसी भी हैं, जिन्हें गर्भधारण (Pregnancy) करने में कई दिक्कते आती हैं. वे नेचुरल तरीके से मां नहीं बन पाती हैं. ऐसे में वे प्रेग्नेंसी के लिए खास ट्रीटमेंट का सहारा लेती हैं, जो उनके मां बनने की संभावनाओं को बढ़ा देती है. ऐसी ही एक टेक्नीक है आईवीएफ (IVF). आज आईवीएफ के जरिए लाखों महिलाएं बिना किसी परेशानी के मां बन पा रही हैं. उनके घर में बच्चे की किलकारियां गूंज रही हैं. ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022’ (International Women’s Day 2022) पर कुछ महिलाओं ने हमसे साझा की आईवीएफ तकनीक के जरिए (Case studies on IVF treatment) अपने मां बनने के सुखद अहसासों के बारे में.

    विश्वास नहीं था कि मैं कभी मां बन पाऊंगी

    मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली रचिता मल्होत्रा नोएडा में ज्वाइंट फैमली में रहती हैं. रचिता मल्होत्रा कहती हैं, देर से शादी और फिर जॉब में प्रमोशन के चक्कर में हमनें बच्चा जल्दी पैदा करने में देर कर दी. जब बच्चे को जन्म देने के बारे में सोचा, तो गर्भधारण करने में समस्याएं आईं. मुझे आईवीएफ के बारे में जानकारी थी, लेकिन कभी सोचा नहीं था कि मुझे इसका सहारा लेना पड़ेगा. निःसंतान रहना बहुत कठिन और हताश करने वाला अनुभव होता है. खुद से लगभग 1 साल हमनें कोशिश की. कई तरह के आयुर्वेदिक उपचार किए, लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला. फिर मैंने शांता फर्टिलिटी सेंटर (नई दिल्ली) का रुख किया. यहां की मेडिकल डायरेक्टर एवं स्त्री रोग व आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. अनुभा सिंह ने मुझे आईवीएफ टेक्नीक के बारे में अच्छी सलाह देकर मुझे इसके लिए तैयार किया. सच पूछिए तो मुझे विश्वास नहीं था कि मैं कभी गर्भवती हो सकती हूं. आज मेरा बच्चा 2 साल का हो गया है. कभी-कभी सोचती हूं कि अगर आईवीएफ तकनीक न होती, तो मेरी जैसी दूसरी महिलाओं की समस्या कितनी ज्यादा बढ़ जाती. मुझे बेहद खुशी है कि इस तकनीक की वजह से मैं बन पाई.

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    6 साल इंतजार करने के बाद बन सकी मां

    शादी के छह वर्ष बीत जाने के बाद बच्चे को जन्म ना दे पाने का गम कविता झा को सताने लगा था. कविता झा कहती हैं, मैं एडियोमेट्रोसिस से पीड़ित थी. शादी को 6 साल हो गए थे, फिर भी बच्चा नहीं हो रहा था. मेरे पति ने मेरा पूरा साथ दिया, लेकिन हम निराश हो गए थे. एडियोमेट्रोसिस का इलाज और न जाने कितनी कोशिशों के बाद भी बच्चा न होने से मैं बहुत हताश हो गई थी. फिर हमें शांता फर्टिलिटी सेंटर के बारे में पता चला. वहां, हम डॉ. अनुभा सिंह के संपर्क में आई. कई जांच और मेरी मेडिकल हिस्ट्री जानने के बाद उन्होंने आईवीएफ करवाने की सलाह दी. आईवीएफ के जरिए हमें वे खुशी मिली है, जिसका हम 6 साल से इंतजार कर रहे थे. डॉ. अनुभा के बेहतर सलाह से मैंने सफलतापूर्वक गर्भधारण किया. वर्तमान में मैं एक बच्चे की मां हूं.

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    दो महीने चली आईवीएफ प्रक्रिया, तब हुई गर्भवती

    अर्चना रस्तोगी भी शादी होने के 5 साल तक मां बनने का सुख प्राप्त नहीं कर सकीं थीं. वे पांच सालों से बच्चे के लिए प्रयत्न कर रही थीं. अर्चना रस्तोगी कहती हैं, दरअसल, मेरी फैलोपियन ट्यूब में समस्या थी, जिसकी वजह से मैं गर्भवती नहीं हो पा रही थी. फिर मैने आईवीएफ करवाने का रास्ता चुना. मुझे डर भी लग रहा था, क्योंकि मैं पहले इस तकनीक से परिचित नहीं थी, लेकिन जानकारी के बाद मुझे कोई समस्या नहीं हुई. मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की मेडिकल डायरेक्टर व आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. शोभा गुप्ता से मिली. अपने पहले आईवीएफ प्रयास में मैं गर्भवती हुई. मेरी आईवीएफ प्रक्रिया कुल मिलाकर लगभग दो महीने तक चली. आज मैं 12 सप्ताह की गर्भवती हूं. भगवान का शुक्र है.

    मेरे लिए तो संतान प्राप्ति सपने की तरह थी

    डिंपल अरोरा कहती हैं, मैं और मेरे पति नवीन अरोरा पिछले डेढ़ साल से संतान प्राप्ति के लिए कोशिश कर रहे थे. बाद में पता चला कि मुझे पीसीओएस (PCOS) की समस्या है. इसका हमने काफी इलाज करवाया. कहावत है न कि सपने जरूर सच होते हैं. मेरे लिए तो संतान प्राप्ति सपने की तरह थी. मुझे बच्चों के सपने आते थे. कई वर्षों के बांझपन (Infertility) और गर्भधारण (Pregnancy) की कोशिश के बाद हम पूरी तरह निराश हो गए थे. इसके बाद हम डॉ. शोभा गुप्ता से मिले. डॉ. ने हमें तब आशा दी, जब हमने सारी उम्मीदें छोड़ दी थीं. हमने आईवीएफ का रास्ता चुना. मैं अभी 13 सप्ताह की गर्भवती हूं और सच पूछिए तो परिवार शुरू करने के लिए और इंतजार नहीं कर पा रही हूं. हमें अब तक का सबसे बड़ा उपहार पाने में हमारी मदद करने के लिए किए आईवीएफ तकनीक का दिल से शुक्रिया करते हैं.

    Tags: Health, Health tips, International Women Day, International Women’s Day, Lifestyle



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